लोग दुःखी क्यों होते हैं ।
जिंदगी भगवान की देन हैं । जिस ईस्ट को आप मानते हो उनकी देन हैं । आप ई से अपने अपने हिसाबसे जीते हो । कोई उधार मांगकर कोई उधार देकर । कोई भिक माँगनेकी सोचता है, कोई भिक देने की सोचता है । हर इंसान का जीने का तरीका अलग होता है । कोई
सोच समजकर आगे बढ़ो । यहाँ ना कोई छोटा है ना कोई बड़ा है । हर इंसान सुुकून कि जिंदगी जीना चाहते है । कोई भी दुुःखी नही होनाचाहता है इसलिए दुखीी होता है । सुख एक पल का होता हैं, इंसान को लगता है की सुख कम ना हो, ईसी वज़ह से ईनसान ..….... होता है
No comments:
Post a Comment