Monday, June 1, 2020

मैं अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के बैकावेमे आके भगवान को भूल गया था

भगवान से भरोसा खत्म करने के लिए अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति जबाबदार हैं ।  भगवान नही है सब झूट है  तो फिर हवा, पानी, रात दिन, , ये सारी दुनिया को कौन चलाता है । जन्म हुआ है और जो मृतयु होती हैं, ये सारी दुनिया कौन चलाया  करता है ।   भारतीय संस्कृति में मूर्ति पूजा का बड़ा महत्व है ।  अंधश्रद्धा निर्मूलनं समिती के dr. Syam मानव के कुछ लेख पढ़कर मैं नास्तिक बन गया था लेकिन अब मुझे समझ आ गया है कि मैं आस्तिक बनु । आज से मैं भगवान गणपति की, माँ दुर्गाकी आरती करूँगा । और घालीन लोटांगण करके आरती समाप्त करूँगा 
 आज दिनांक 1 जून 2020 से 9 कालीमिर्च लेकर  प्राथना करूँगा,  अग्नेया पच्छिम नैऋत्य पश्चिम  वायव्यां उत्तर ईशान्य पूर्व मैं 8 दिशा और1 ऊपर की ओर 3 बार ओम बोलके फेंकूँगा । अब आप मुझे बताओ कि वे श्रद्धा है या अंधश्रद्धा है । भगवान की आरती करना श्रद्धा है कि अँधाश्रद्धा है । माथेपर तिलक लगाकर घूमना श्रद्धा या अँधाश्रद्धा है 

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